नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राओं के दौरान इमिग्रेशन काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारें अब बीते दिनों की बात बनने जा रही हैं। यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2024 में Fast Track Immigration – Trusted Traveller Programme (FTI-TTP) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत इमिग्रेशन प्रक्रिया में लगने वाले लगभग 30 मिनट के समय को घटाकर कुछ सेकंड में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
FTI-TTP क्या है और क्यों है खास
Fast Track Immigration – Trusted Traveller Programme एक सरकारी पहल है, जिसके तहत पात्र यात्रियों को एयरपोर्ट पर विशेष ई-गेट्स के माध्यम से तेजी से इमिग्रेशन क्लीयरेंस की सुविधा दी जाती है। यह पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित प्रक्रिया है, जिससे यात्रियों को बार-बार लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ती।
यात्रियों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा
इस प्रोग्राम के जरिए इमिग्रेशन ई-गेट्स का इस्तेमाल कर यात्री सेकंडों में क्लीयरेंस पा सकते हैं। खास बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है और इसके लिए किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। एक बार रजिस्ट्रेशन होने के बाद यह सुविधा पांच साल या पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने तक, जो भी पहले हो, मान्य रहती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण यह पारदर्शी और आसान भी है।
कौन कर सकता है FTI-TTP के लिए आवेदन
इस योजना के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए या उसके पास OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड होना जरूरी है। आवेदन के समय पासपोर्ट की वैधता कम से कम छह महीने होनी चाहिए। इसके अलावा मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
FTI-TTP के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया
सबसे पहले आवेदक को गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल ftittp.mha.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। यहां पासपोर्ट की कॉपी, एड्रेस प्रूफ, हालिया फोटो और यदि लागू हो तो OCI कार्ड अपलोड करना होगा। फोटो साफ, सफेद बैकग्राउंड वाली और छह महीने से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
आवेदन जमा करने के बाद एक क्यूआर कोड जनरेट होता है। इसके 24 घंटे बाद आवेदक किसी भी निर्धारित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रा के दौरान या नजदीकी FRRO कार्यालय में जाकर बायोमेट्रिक नामांकन करा सकता है। इसके लिए पहले से अपॉइंटमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होती।
इसके बाद आवेदक की जानकारी आधिकारिक चैनलों के माध्यम से सत्यापित की जाती है। मंजूरी मिलने में लगभग एक महीने तक का समय लग सकता है। स्वीकृति के बाद यात्री एयरपोर्ट पर बने विशेष ई-गेट्स पर पासपोर्ट और बोर्डिंग पास स्कैन कर चंद सेकंड में इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
यदि पासपोर्ट खो जाता है, चोरी हो जाता है या उसकी वैधता समाप्त हो जाती है, तो नए पासपोर्ट की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा, हालांकि इसके लिए दोबारा बायोमेट्रिक देने की जरूरत नहीं होगी। गलत जानकारी या अस्पष्ट दस्तावेज अपलोड करने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। जिन आवेदकों के बायोमेट्रिक्स सही तरीके से कैप्चर नहीं हो पाते, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
